पुराना औद्योगिक क्षेत्र में शीघ्रातिशीघ्र हटायें अतिक्रमण

पुराना औद्योगिक क्षेत्र में शीघ्रातिशीघ्र हटायें अतिक्रमण

-फ्लाईओवर पर पानी के जमावड़े के समाधान के लिए दिए निर्देश
-फायर एनओसी सर्वाधिक महत्वपूर्ण, नहीं होनी चाहिए कोई भी लापरवाही
-उपायुक्त ने डीएलजीसी व डीएलसीसी की बैठक में दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

रणबीर रोहिल्ला, सोनीपत।  उपायुक्त ललित सिवाच ने एचएसआईआईडीसी के अधिकारियों को निर्देश दिए कि पुराना औद्योगिक क्षेत्र में अतिक्रमण शीघ्रातिशीघ्र हटवायें। क्षेत्र में अतिक्रमण को बढ़ावा दे रहे वर्कशॉप चालक तथा बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन मैटिरियल सप्लायर का सामान जब्त किया जाए। उपायुक्त सिवाच मंगलवार को लघु सचिवालय में डिस्ट्रिक्ट लेवल ग्रीवेंस कमेटी (डीएलजीसी) एवं डिस्ट्रिक्ट लेवल क्लियरेंस कमेटी (डीएलसीसी) की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने उद्योगपतियों की समस्याओं की सुनवाई करते हुए पुराना औद्योगिक क्षेत्र की मांगों की गंभीरता से सुना।

उद्योगपति श्रीभगवान गुप्ता ने अतिक्रमण के अलावा रोहतक फ्लाईओवर पर पानी के जमावड़े की समस्या उठाई। उपायुक्त ने निर्देश दिए कि पीडब्ल्यूडी (बीएंडआर) के अधिकारी एक्शन प्लान तैयार करेंगे, जिसके बाद जल्द से जल्द समस्या का स्थाई समाधान करवायें। उन्होंने क्षेत्र में इंटरलॉकिंग टॉयल लगवाने व सीवरेज की समस्या के समाधान के भी निर्देश दिए। उपायुक्त ने नाथूपुर औद्योगिक क्षेत्र में इन्फ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करने के लिए कार्य को सुचारू रूप से प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने बड़ी औद्योगिक क्षेत्र के तहत जैन मेटल वर्कर्स की फायर एनओसी के आवेदन की भी सुनवाई की। उन्होंने संबंधित अधिकारी को मौके पर जाकर जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। एचएसआईआईडीसी बड़ी के अंतर्गत कपूर एंटरप्राईजेज की बिजली की समस्या के समाधान के लिए भी उन्होंने जरूरी निर्देश दिए।

उपायुक्त ने उद्योगपतियों के विभिन्न प्रकार के आवेदनों की समीक्षा करते हुए कहा कि फायर एनओसी सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। फायर एनओसी देते समय किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें। अधिकारी पूर्ण पड़ताल करें। कागजी औपचारिकताओं को पूर्ण करें। उन्होंने कहा कि फायर एनओसी की 28 व फायर फाइटिंग स्कीम के 13 आवेदन  लंबित हैं, जिनके समाधान के लिए उन्होंने कमेटी का गठन किया। उपायुक्त सिवाच ने टेलिफोन कंपनियों के मोबाइल टावरों के आवेदनों की भी समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा श्रम विभाग के अंतर्गत लंबित आवेदनों की भी पड़ताल करते हुए जरूरी निर्देश दिए।

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