36 वर्ष की शिक्षण सेवा उपरान्त सेवानिवृत हुए कृष्ण चन्द्र वत्स

36 वर्ष की शिक्षण सेवा उपरान्त सेवानिवृत हुए कृष्ण चन्द्र वत्स

वत्स के समाज में व्याप्त अंधविश्वास व मिथकों को तोड़कर वैज्ञानिक चेतना जगाने का किया काम

बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिकायेँ निभाई कृष्ण वत्स ने

रणबीर रोहिल्ला, सोनीपत। अंग्रेजी प्राध्यापक कृष्ण चन्द्र वत्स 36 वर्ष की शिक्षण सेवा उपरान्त शिक्षा विभाग हरियाणा से सेवानिवृत हो गए। बुधवार को मॉडल टाउन स्थित राजकीय स्कूल में उनका विदाई समारोह आयोजित किया गया। समारोह को विभिन्न वक्ताओं ने संबोधित किया। इस दौरान एक मैडम में भजन व दूसरी ने एक गाना प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में मंच संचालन कृष्ण रोहिल्ला ने किया। वक्ताओं ने कहा कि अपने कार्यकाल में कृष्ण वत्स विभिन्न पदों पर रहते हुए गणित, विज्ञान और अंग्रेजी विषयों को पढ़ाकर एक आदर्श अध्यापक के रूप मे पहचान बनाई। इनके कार्यकाल के शैक्षणिक परिणाम मात्रात्मक ही नहीं गुणात्मक रूप में बहुत अच्छे रहे। शिक्षा के साथ-साथ सह पाठ्यक्रम क्रियाओं खेल, सांस्कृतिक कार्यक्रम, भाषण, पेंटिंग, निबंध लेखन जैसी प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करते हुए बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिकायेँ निभाई।

वत्स के मार्गदर्शन में बाल वैज्ञानिकों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई। अभी भी राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के राज्य संयोजक के रूप में कार्य करते हुए पूरे हरियाणा में बाल वैज्ञानिकों की प्यौद तैयार करने में अपना योगदान दे रहे हैं। बच्चों में सामाजिक सेवा की भावना पैदा करने के लिए जिले भर में स्काउट एवं गाइड की गतिविधियों के संचालन का उत्तरदायित्व निभाया। खगोल विज्ञान में रूचि होने के कारण खगोलीय घटनाओं जैसे ग्रहण, गृह पारगमन, उल्का पिंड का दिखाई देना आदि अवसर पर कार्यक्रम आयोजित करते रहे हैं, ताकि समाज में व्याप्त अंधविश्वास व मिथकों को तोड़कर वैज्ञानिक चेतना का विकास हो सके। पर्यावरण के प्रति लगाव के चलते विभिन्न विभागों व सामाजिक संस्थाओं के साथ पौधारोपण, ऊर्जा सरंक्षण, जल सरंक्षण पर जागरूकता अभियान चला रहे हैं।

अध्यापक संगठन में विभिन्न ज़िम्मेदारी निभाते हुए अध्यापकों व अन्य कर्मचारियों के हितों की लड़ाई भी लड़ते रहे। उनकी सेवानिवृती पर विभिन्न वक्ताओं ने शिक्षा विभाग के लिए एक क्षति के तौर पर महसूस किया, क्योंकि लंबे अनुभव और कर्तव्यनिष्ठा से ही ऐसी रिक्ति को भरा जा सकता है। सभी अध्यापकों, शुभचिंतकों, दोस्तों और करीबी संबंधियों ने उनके उज्ज्वल, सुखद व स्वस्थ भविष्य की कामना करते हुए कहा कि वे इसी प्रकार से अपने जीवन में सक्रिय तौर पर सामाजिक जिम्मेदारियां निभाते रहें। अंत में कृष्ण चन्द्र वत्स ने सभी शैक्षणिक-गैरशैक्षणिक स्टाफ सदस्यों का आभार व्यक्त किया और अपने सभी दोस्तों, परिवार व निकटतम संबंधियों को धन्यवाद करते हुए भविष्य में उनको ऐसे ही पूर्ण सहयोग देने की अपील की, ताकि वे सामाजिक कार्यों मे ऐसे ही सक्रिय बने रहें।

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