हिन्दी भाषा संस्कारों एवम् भावों की त्रिवेणी : नरेश आकाश

हिन्दी भाषा संस्कारों एवम् भावों की त्रिवेणी : नरेश आकाश

रणबीर रोहिल्ला, सोनीपत। हिन्दी दिवस के अवसर पर राजकीय उच्च विद्यालय-जाहरी में भाषण, निबन्ध एवम् कहानी लेखन आदि विभिन्न प्रतियोगिताएं हिन्दी पखवाड़े के अन्तर्गत आयोजित की गई। मिडिल हैड सुरेश कुमार द्वारा प्रतियोगिताओ में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर इएचएम सुरेश कुमार ने बच्चों को सम्बोधित करते हुए कहा हिन्दी हमारी राष्ट्रभाषा है। हमें इसके शुद्ध उच्चारण तथा लिखने में शुद्धता का ध्यान रखना चाहिए। अपनी राष्ट्र भाषा हिन्दी गर्व से बोलें, पढें और लिखें।

कला विशेषज्ञ नरेश आकाश ने अपने सम्बोधन में हिन्दी भाषा को संस्कारों एवम् भावों की त्रिवेणी कहते हुए हिन्दी को विश्व की सबसे समृद्ध भाषा बताते हुए कहा दुनियां में ऐसी कोई भाषा नहीं है, जिसमें प्रत्येक विषय के लिए अलग शब्द हो, केवल हमारे देश की राष्ट्रभाषा हिन्दी ही है, जिसमें व्याकरण की दृष्टि से तथा व्यवहारिक ज्ञान के आदान-प्रदान के लिए शब्दों का अथाह भंडार है। कार्यवाहक मुख्याध्यापक नरेन्द्र सिंह अहलावत ने भाषण, निबन्ध एवम् कहानी लेखन आदि विभिन्न प्रतियोगिताओ में प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान प्राप्त वाले 25 छात्र-छात्राओं  को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर विद्यालय के अध्यापक वेदपाल, अध्यापिका राजकुमारी, गुड्डी व बबीता प्राध्यापिका तन्नू सैनी, ऋतु आदि द्वारा विजयी छात्र छात्राओं को बधाई देते हुए अपनी राष्ट्र भाषा हिन्दी का सम्मान करने की शपथ भी दिलवाई।

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