अधिकारी-कर्मचारी हर क्षेत्र में पानी की सुचारू आपूर्ति करें सुनिश्चित : शर्मा

अधिकारी-कर्मचारी हर क्षेत्र में पानी की सुचारू आपूर्ति करें सुनिश्चित : शर्मा

-आम जनमानस पानी की एक बूंद भी न बहायें व्यर्थ, करें जल संरक्षण
-गर्मी में पानी की अधिक खपत के बावजूद मांग को किया जा रहा पूर्ण

रणबीर रोहिल्ला, सोनीपत।  नगर निगम के आयुक्त जगदीश शर्मा ने निर्देश दिए कि अधिकारी-कर्मचारी नगर के प्रत्येक क्षेत्र में पानी की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करें। साथ ही उन्होंने आम जनमानस से भी अपील की कि वे पानी की व्यर्थ बर्बादी को रोकें। पानी की एक भी बूंद व्यर्थ नहीं बहनी चाहिए। ईमानदारी से जल संरक्षण करें, जिससे कि जलापूर्ति में किसी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न न हो। निगमायुक्त जगदीश शर्मा ने कहा कि गर्मी के मौसम में पानी की खपत बढ़ जाती है। इसके बावजूद पानी की मांग को पूरा किया जा रहा है।

पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष नगर निगम को पानी की उपलब्धता कम हो रही है। इस कारण किसी क्षेत्र विशेष में पानी की आपूर्ति में बाधा आई है। किंतु प्रशासन पानी की आपूर्ति सुचारू करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा। हर क्षेत्र में पानी की आपूर्ति की जा रही है, जिसके लिए विकल्प भी अपनाये जा रहे हैं। निगमायुक्त ने शहरवासियों से अपील की कि वे पानी का प्रयोग जरूरत अनुसार ही करें। पानी को बर्बाद होने से रोकने में नगर निगम को पूर्ण सहयोग प्रदान करें। इससे पानी की आपूर्ति में व्यवधान दूर होंगे। जल संरक्षण समय की मांग है। इस दिशा में अभी से प्रयास करने होंगे। किसी भी सूरत में पानी को व्यर्थ बहने से रोकना होगा। यदि जल का संरक्षण किया जाए तो पानी को लेकर किसी भी प्रकार की समस्या नहीं रहेगी। किंतु जल की बर्बादी की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा। इस बर्बादी को रोकने में लोगों को सक्रिय योगदान देना चाहिए।

नगर निगम आयुक्त शर्मा ने शहरवासियों को आश्वासन दिया कि पानी की आपूर्ति को लेकर परेशानी नहीं होने दी जाएगी। इसके लिए संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों को विशेष निर्देश दिए गए हैं। इसमें जन सहयोग भी अपेक्षित है। पानी की बर्बादी थमने से आपूर्ति में आने वाली बाधाएं दूर हो सकती हैं। नालियों एवं सडक़ों पर व्यर्थ बहने वाला पानी लोगों के काम आ सकता है। इसलिए लोग संकल्प लें कि वे अपने स्तर पर जल संरक्षण के लिए हर संभव कदम उठायेंगे। उन्होंने अपील की कि कोई नल व्यर्थ बहता न मिले। गाडिय़ों को धोने के लिए तथा पशुओं को नहलाने के लिए पाइप का प्रयोग न करें। पाइप के प्रयोग से जल की बर्बादी अधिक होती है।

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