दिलीप कुमार का पोर्ट्रेट बनाकर अच्छे स्वास्थ्य की कामना की

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सोनीपत। बच्चों को दिलीप कुमार का पोर्ट्रेट बनाकर दिखाते कला अध्यापक।

बच्चों को अपने चहेते अभिनेता का पोर्ट्रेट बनाने के लिए प्रोत्साहित किया

रणबीर रोहिल्ला, सोनीपत। आज कलाश्री अकादमी द्वारा ऑनलाइन ड्राइंग कार्यशाला में जैसे ही नरेश आकाश को बॉलीवुड जगत के प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता दिलीप कुमार के बीमार होने की खबर प्राप्त हुई। उन्होंने दिलीप कुमार के जल्दी स्वस्थ होने की कामना से दिलीप का पोर्ट्रेट बनाते हुए बच्चों को पोर्ट्रेट बनाने की विद्या से अवगत कराते हुए उन्हें भी अपने चहेते अभिनेता का पोर्ट्रेट बनाने के लिए प्रोत्साहित किया। भारतीय सिनेमा जगत के ट्रेजडी किंग कहें जाने वाले फिल्म अभिनेता दिलीप कुमार का पोर्ट्रेट बनाकर कलाश्री अकादमी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवम् संस्थापक नरेश आकाश ने उनके अच्छे स्वास्थ्य और लम्बी उम्र की प्रार्थना की। इस अवसर पर बच्चों ने भी अपनी कूंची से बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता दिलीप कुमार को विभिन्न मुद्राओं में चित्रित किया।

उल्लेखनीय है कि अभिनेता दिलीप कुमार को स्वास्थ्य कारणों के चलते रविवार को मुंबई के हिंदुजा अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अभिनेता दिलीप कुमार को सांस लेने में तकलीफ होने के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टर उनके स्वास्थ्य पर नजर बनाए हुए हैं। डॉक्टर जलील पारकर, 98 वर्षीय दिलीप कुमार का इलाज कर रहे हैं। स्मरण रहे कि वैश्विक महामारी कोरोना के कारण दिलीप कुमार अपने दो छोटे भाइयों असलम खान (88) और एहसान खान (90) को कोरोना वायरस के कारण खो चुके हैं। जिसके बाद उन्होंने अपना जन्मदिन और शादी की सालगिरह भी नहीं मनाई थी। नरेश आकाश ने बच्चों को सम्बोधित करते हुए कहा  कलाकार सभ्यता और संस्कृति संवाहक होता है जो अपनी कला के माध्यम से सभ्य समाज को सही राह दिखाकर देश की उन्नति में अपना अतुलनीय योगदान देता है।

उन्होंने कहा कि भारतीय फिल्म जगत में दिलीप कुमार का नाम आते ही फिल्मी दुनियां में उनका नाम सहज ही उनकी छवि को रौशनी की चकाचौंध में सबसे अलग सबसे उपरी पायदान पर खडा पाता है। दिलीप कुमार ने 1944 में ज्वार भाटा के साथ अपनी शुरुआत की थी, अपने पांच दशकों के करियर में उन्होंने कई प्रतिष्ठित फिल्मों में अपनी अदाकारी दिखाई और दर्शकों के दिलों पर राज करने लगे। उनकी फिल्मों में कोहिनूर, मुगल-ए-आज़म, देवदास, नया दौर, राम और श्याम शामिल हैं। उन्हें आखिरी बार बड़े पर्दे पर 1998 में किला में देखा गया था । बच्चों ने आज बड़े ही उत्साहित होकर जहां दिलीप कुमार के विषय में जानना चाहा। वहीं उनका पोर्ट्रेट बनाकर परमपिता परमात्मा से उनके अच्छे स्वास्थ्य और लम्बी उम्र की प्रार्थना करके स्वंय को गौरवान्वित महसूस किया।

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