औषधीय गुणों से भरपूर जड़ी बूटियां बीमारियों को जड़ से खत्म करने में समर्थ : नवप्रीत कौर शाह

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Rajesh sulija

हिसार, राजेश सलूजा। समाजसेवी संस्था डेरा संत बाबा देवेंद्र शाह सिंह सेवा संस्था बरवाला चेयरपर्सन नवप्रीत कौर शाह ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी 19 एक ऐसी महामारी है, जिसके इलाज के समाधान के लिए पूरे विश्व के चिकित्सक दिन रात लगे हुए हैं, परंतु अभी तक इस महामारी का कोई ठोस इलाज नहीं हो पाया है। सनातन हिंदू धर्म का प्रत्येक कर्म जीवन से लेकर मृत्यु तक ऋषि मुनियों और देवताओं द्वारा लिखित ग्रंथों और वेदों में विस्तार से समझाया गया है और उनमें से एक भारतीय रसोई में इस्तेमाल होने वाले मसाले और व्यंजन स्वादिष्ट के साथ-साथ घरेलू इलाज के लिए भी बेहतर विकल्प है।

चेयरपर्सन नवप्रीत कौर शाह ने वार्ड 9 बरवाला में स्थित संस्था कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि घर पर बड़े बुजुर्ग सभी बीमारियों का इलाज इन्हीं मसालों जैसे अदरक, प्याज, लहसुन, करी पता, तेजपत्ता, हल्दी, सौठ, सुखा जीरा, धनिया, काली मिर्च, अजवाइन, दाल चीनी, लौंग, सौफ और बड़ी इलायची वगैरह से करते थे जो कि औषधीय गुणों से भरपूर किसी भी बीमारी को जड़ से खत्म करने में समर्थ, जिसका कोई भी साइड इफेक्ट नहीं होता था। अब कोरोना वायरस महामारी मे इन मसालों व जड़ी बूटियों का इस्तेमाल देश के साथ-साथ विदेशों में भी इम्यूनिटी बूस्टर के तौर पर हो रहा हैं। जिससे इन मसालों व जड़ी बूटियों की कीमत बहुत ही ज्यादा बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि दादी मां के घरेलू नुस्खों को बच्चे मजाक में लिया करते थे और वो भी आज इनके प्रति जागरूक हो चुके हैं। भारतवर्ष में किसी भी बीमारी का जिक्र करने पर प्रत्येक बड़ा बुजुर्ग बड़ी से बड़ी बीमारी का इलाज भी आसानी से इन्हीं मसालों का प्रयोग करके भिन्न-भिन्न मिश्रण से बता देता है। इसी राह में आज हमारे बच्चे भी किसी से कम नहीं है।

यह कहने में कोई भी संकोच नहीं कि भारत में बच्चे व बुजुर्ग सभी डॉक्टर हैं। जहां चार लोग आपस में किसी बीमारी का जिक्र करेंगे तो बीमारी एक होगी इलाज सौ होंगे। जैसे कि बच्चों का गुब्बारा फुलाना कोरोना महामारी के बचाव के लिए या कोरोना महामारी से ठीक होने में मदद करता है। यह योग की क्रिया का हिस्सा है जो शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा को बढ़ाता है। कोरोना बचाव या कोरोना में तुरंत इलाज के लिए इन्हीं मसालों का काढ़ा प्रयोग करे जो कि शरीर की इम्यूनिटी पावर बढ़ाते हैं। हल्दी की चाय या दूध, काली मिर्च अदरक का काढा, नीम अदरक का काढा या इन सभी मसालों को मिलाकर भी काढ़ा बना सकते हैं जो कि इम्यूनिटी बूस्टर के तौर पर काम करता है। उन्होंने कहा कि लहसुन का दूध विशेष तौर पर लाभदायक है। कोरोना के इलाज मेंं नीम के पत्ते या टहनी और अदरक का काढा भी काफी फायदेमंद है। अगर शरीर की इम्युनिटी पावर अच्छी है तो कोई भी बीमारी नहीं लग सकती है। यह सब हमारे देश के ऋषि मुनियों का ही आशीर्वाद है, जिन्होंने हमारे खानपान में इन जड़ी-बूटियों को सम्मिलित करके स्वाद को तो बढ़ाया ही है और साथ में रोगों से बचाव भी किया है। इस अवसर पर संरक्षक बलजीत कौर शाह विशेष रूप से मौजूद रही।

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