नोट के बदले वोट न बेचें नहीं तो बड़ा पछताओगे

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नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से मत बनवाने व मतदान के लिए किया प्रोत्साहित  \रणबीर सिंह रोहिल्ला, सोनीपत। मतदान का पर्व आया आओ डालें वोट रे। करे देश का जो उद्धार करें हम उनको वोट। गीतों की इन पंक्तियों के साथ नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से सोनीपत के मतदाताओं को मतदान के लिए प्रोत्साहित करने के साथ ही पात्र युवाओं को अपनी वोट बनवाने के लिए भी प्रेरित किया गया। इस दौरान अतिरिक्त उपायुक्त जयबीर सिंह आर्य ने भी मतदाताओं को प्रोत्साहित किया कि वे आने वाले हरियाणा विधानसभा चुनावों में अपने मत का प्रयोग अवश्य करें। गुरुवार को सोनीपत शहर में पांच स्थानों पर नुक्कड़ नाटकों की प्रस्तुतियां दी गई। इसकी शुरुआत सुबह नई सब्जी मंडी सोनीपत से की गई, जहां एसडीएम विजय सिंह मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे। इसके बाद सिविल अस्पताल परिसर, रेलवे स्टेशन परिसर तदोपरांत लघु सचिवालय-जिला अदालत परिसर में नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति दी गई। अंतिम प्रस्तुति बस अड्डा परिसर में दी गई। कलाकारों ने नाटक में लघु गीत पंक्तियों की भी दमदार प्रस्तुति से मतदाताओं को अपने वोट का सही प्रकार से प्रयोग करने के लिए इस प्रकार प्रोत्साहित किया- नोट के बदले वोट न बेचें, नहीं तो बड़ा पछताओगे। कलाकारों ने ईमानदार जन प्रतिनिधि चुनने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने अपनी प्रस्तुति से युवाओं को अपनी वोट बनवाने के लिए प्रेरित करते हुए इसकी जानकारी भी दी कि वोट कैसे बनवाये। कलाकारों ने ऑनलाईन आवेदन, वोटर लिस्ट की जांच, ईवीएम, वीवीपैट, नोटा का प्रयोग, दिव्यांग मतदाताओं के लिए सुविधाओं आदि की महत्वपूर्ण जानकारी दी।  अतिरिक्त उपायुक्त जयबीर सिंह आर्य ने मतदाताओं से अपील की कि अपने मत का प्रयोग निश्चित रूप से करना चाहिए। लोकतंत्र में मत का अत्यधिक महत्व होता है। टोल फ्री नम्बर 1950 पर मत व मतदान संबंधित हर प्रकार की जानकारी ली जा सकती है।
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न्यूज पोर्टल की श्रृखला में एक नया नाम सोनीपत 24 न्यूज पोर्टल और जुड़ गया। आप सोच रहे होंगे इसमें कौनसी बड़ी बात है। आखिर हर रोज तो न्यूज पोर्टल बनते रहते हैं। यह सच है कि आज के युग में जो न्यूज पोर्टल बनते हैं। अधिकांश निष्पक्ष और पारदर्शी पत्रकारिता का दावा करते हैं, परंतु जब हम उन्हें देेखते हैं तो हमारी उपेक्षाओं पर खरे नहीं उतरते हैं और हमें निराशा ही हाथ लगती है, हम पाते हैं कि न्यूज पोटर्ल में खबर ही नहीं। किसी ने राजनीतिक पार्टी में, किसी ने सत्ताधारी पार्टी की हां में हां करके पत्रकारिता के मूल स्वरुप को दूर ले जाया जा रहा है।

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