पानीपत के डिंडर गांव से सोनीपत के बडवासनी तक बनेगी सडक़

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>नहरी सडक बनेगी नेशनल हाइवे का विकल्प, 200 करोड रूपए मंजूर 150 करोड रूपए का ऋण एनसीआर प्लानिंग बोर्ड ने किया मंजूर, 50 करोड रूपए खर्च करेगी प्रदेश सरकार< रणबीर सिंह रोहिल्ला, चंडीगढ़। वाहनों के भारी दबाव का सामना कर रहे नेशनल हाइवे 44 के समानांतर विकल्प के तौर पर पानीपत और सोनीपत जिला की सीमा में पश्चिमी यमुना नहर और कैरियर लाइन चैनल के बीच की नहरी सडक़ को विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री मनोहर लाल के प्रयास के चलते इस प्रोजेक्ट के लिए नेशनल कैपिटल रीजन प्लानिंग बोर्ड ने 150 करोड रूपए तथा प्रदेश सरकार के 50 करोड रुपये का बजट मंजूर किया गया है। अब पानीपत के डिंडर गांव से सोनीपत के बडवासनी तक 24.78 किलोमीटर सडक़ को 10 मीटर चौड़ा बनाया जाएगा। इससे हजारों वाहन चालकों को दैनिक आधार पर वैकल्पिक सडक़ मार्ग सुलभ होगा और आसपास के क्षेत्र में विकास की संभावनाएं बढेंगी। आज यहां जानकारी देते हुए शहरी स्थानीय निकाय मंत्री कविता जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि नेशनल हाइवे 44 (पूर्व में नेशनल हाइवे एक) पर वाहनों के बढते दबाव को देखते हुए दिल्ली के हरेवली से सोनीपत, पानीपत होते हुए करनाल के मुनक तक बनी सडक को इसके विकल्प के तौर पर इस्तेमाल का सुझाव उन्होंने मुख्यमंत्री मनोहर लाल को दिया था। इस पर हरियाणा राज्य सडक विकास निगम को एक प्रोजेक्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए। इसके बाद निगम द्वारा पश्चिमी यमुना नहर और कैरियर लाइन चैनल के बीच की नहरी सडक पर हरेवली (दिल्ली) से सोनीपत होते हुए पानीपत में डिंडर गांव तक की सडक का जीर्णोद्धार करते हुए मजबूत बनाने का खाका तैयार किया। इस 46.86 किलोमीटर खण्ड के निर्माण के लिए 334.25 करोड रूपए के प्रस्ताव को तैयार किया गया था, जिसे मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने वर्तमान समय में वाहनों के दबाव एवं भविष्य के मद्देनजर मंजूरी प्रदान करते हुए प्लानिंग बोर्ड को भेजा गया था। प्लानिंग बोर्ड की हाल ही में सम्पन्न 57वीं बैठक में पानीपत के डिंडर से दिल्ली के हरेवली तक 46.86 किलोमीटर के प्रोजेक्ट में डिंडर से बडवासनी तक के 24.78 किलोमीटर सडक़ के नवनिर्माण के प्रपोजल को मंजूरी दी गई है, जबकि नेशनल हाइवे 344 एम के दिल्ली में अर्बन एक्टरनल रोड से नेशनल हाइवे 352 ए पर बडवासनी तक प्रस्तावित नए रोड को ध्यान में रखते हुए इस खण्ड के 22 किलोमीटर हिस्से में रिपेयर करवाने का सुझाव दिया गया है। मंत्री कविता जैन ने बताया कि इससे न केवल वाहन चालकों का आवागमन में समय बचेगा, अपितु नेशनल हाइवे 44 पर वाहनों के भारी दबाव झेलने से निजात मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस सौगात से प्रदेश के साथ-साथ इन जिलों के विकास में भी गति आएगी। उन्होंने इस प्रोजेक्ट को सिर चढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल के साथ-साथ लोक निर्माण मंत्री राव नरबीर सिंह का भी आभार जताया है।   

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