गांव उल्देपुर में 14वें ऑक्सीजन बाग का शुभारंभ 

गांव उल्देपुर में 14वें ऑक्सीजन बाग का शुभारंभ 

  • -आने वाली पीढियों के उज्जवल भविष्य के लिए सभी लोग करें पौधारोपण
  • -सभी गांव के लोग व युवा नि:स्वार्थ भावना से कर रहे है पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य
  • -युवाओं के इसी जोश के कारण पर्यावरण संरक्षण अभियान ले रहा है जन आंदोलन का रूप
  • -उपायुक्त ने आक्सीजन बाग की व्यवस्था को देखते हुए किया उपस्थित सभी लोगों का धन्यवाद
  • -05 एकड़ भूमि में 30 से अधिक प्रजातियों के पौधे लगाये गये 
  • -ट्री मैन देवेन्द्र सूरा व उनकी टीम पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में कर रही है सराहनीय कार्य

रणबीर रोहिल्ला, सोनीपत। पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से उपायुक्त ललित सिवाच ने गांव उल्देपुर में पौधारोपण कर प्रदेश के 14वें ऑक्सीजन बाग का शुभारंभ करते हुए युवाओं को अधिकाधिक ऑक्सीजन बाग स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि ऑक्सिजन बाग में बुजुर्गों-युवाओं-महिलाओं-पुरूषों और बच्चों इत्यादि सबको अधिक से अधिक पौधारोपण करना चाहिए और समय-समय पर उन पौधों की देखभाल करनी चाहिए, ताकि वे बड़े होकर हमें और हमारी आने वाली पीढियों को जीने के लिए ऑक्सीजन तथा फल दे सकें।

उपायुक्त ने कहा कि आने वाली पीढियों के उज्जवल भविष्य के लिए सभी लोगों को ज्यादा से ज्यादा पौधारोपण करना होगा, ताकि वायुमण्डल में ऑक्सीजन का संतुलन बना रहे। क्योंकि मनुष्य ने अपने विकास के लिए विज्ञान को रास्ता आज अपनाया है, उसने अपना तो विकास कर रहा है, लेकिन प्रकृति कहीं न कहीं प्रकृति का नुकसान पहुंचा रहा है। जिससे आने वाली पीढियों के भविष्य पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ेगा। इसलिए हमें आज ही संभलना होगा और प्रर्यावरण संरक्षण के अभियान में दिन-रात कार्य करना होगा जिससे हम प्रकृति का बचा सके। कोरोना के समय जो लोगों को ऑक्सीजन की किल्लत से जो अपनी जान कवानी पड़ी उसका कारण कहीं न कहीं मनुष्य ही है।

मनुष्य ने पेड़-पौधों को काटना शुरू कर दिया जिससे ऑक्सीजन की कमी हो गई। क्योंकि ऑक्सीजन का सबसे बड़ा स्त्रोत पेड-पौधे ही हैं जो वातावरण के कार्बन-डाईऑक्साइड ग्रहण कर मनुष्य को ऑक्सीजन देने का कार्य करते है। इसके अलावा पेड-पौधे मनुष्य का ही नहीं पक्षियों को भी आश्रय स्थान होता है। हम पौधारोपण कर पक्षियों की विलुप्त हो रही प्रजातियों को भी बचा सकते हैं। उपायुक्त ने ऑक्सीजन बाग का निरीक्षण करते हुए कहा कि आज यहां आकर मुझे बहुत खुशी हो रही है। क्योंकि यहां सभी युवा, गांव के पुरूष-महिलाएं नि:स्वार्थ भावना से प्रकृति को बचाने के लिए पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह ऑक्सीजन बाग पर्यावरण के क्षेत्र में पूरे प्रदेश में एक अलग से उदाहरण स्थापित करेंगा जो दूसरे लोगों को भी पर्यावरण संरक्षण के कार्य करने के प्रति जागृत करेंगा।

युवा शक्ति किसी भी क्षेत्र में बदल सकती है तकदीर

उपायुक्त सिवाच ने कहा कि ट्री मैन देवेन्द्र सूरा व उनकी पर्यावरण मित्र टीम पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में जो सराहनीय कार्य कर रही है वो अपने आप में लोगों को प्रकृति के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ जन आंदोलन का रूप ले रहा है। ट्रीमैन सूरा के ही प्रयासों के कारण प्रकृति की रक्षा के लिए युवाओं में जो जोश दिखाई दे रहा है। वह पर्यावरण संरक्षण अभियान को जन आंदोलन का रूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। युवा एक ऐसी शक्ति है जो किसी भी क्षेत्र में मिलकर कार्य करें तो उस क्षेत्र की तकदीर बदल सकती है। इसलिए युवाओं को प्रकृति की रक्षा करने की जिम्मेवारी अपने कंधों पर लेकर आगे बढना होगा, ताकि हम अपनी आने वाली पीढियों को कुछ अच्छी चीज देकर जा सके।

ट्री-मैन देवेंद्र सूरा व उनकी पर्यावरण मित्र टीम के अथक प्रयासों से आज गांव उल्देपुर में प्रदेश का 14वां जबकि सोनीपत जिले का 12 ऑक्सीजन बाग स्थापित किया है, जहां 05 एकड़ भूमि में ऑक्सीजन बाग में 500 भारतीय प्रजाति के पौधे लगाये गये। उपायुक्त सिवाच ने ऑक्सीजन बाग का शुभारंभ करते हुए कहा कि पंचायती भूमि पर कब्जे की बजाय ग्रामीणों को पौधारोपण को बढ़ावा देना चाहिए।

यह आज के समय की प्रमुख आवश्यकता है। जिस गति से प्रदूषण बढ़ रहा है उसी गति से पर्यावरण संरक्षण की भी जरूरत है। इसके लिए ऑक्सीजन बाग बेहतरीन विकल्प हैं। इस अवसर पर एसडीएम सोनीपत शशि वसुंधरा, बीडीईओ मनीष मलिक, उल्देपुर के सरपंच आनंद, रेवाड़ी से पर्यावरण मित्र राजकुमार, दादरी से पर्यावरण मित्र अजेश, पर्यावरण मित्र भलिया देवी, पवन, प्रशांत, मोहित, पवित्र, पंकज, विक्की, संदीप, अनिल खिलाडी, राहुल नैन, पवन दहिया, योगेश, अजय, सुनील, रोहित, विजय, अमित, संजय, कृष्ण, यजुवेन्द्र, जितेन्द्र, डॉ० संदीप, संदीप पहलवान, सोनू, प्रवीण, मनीष सिसोदिया, जेपी दलाल, विरेन्द्र सांगवान, सतीश, रविन्द्र कोच, नितेश सहित सैकड़ों युवा व गांव के व्यक्ति मौजूद रहे।

धर्म-कर्म हरियाणा हेल्थ