अवैध आवासीय, व्यावसायिक व औद्योगिक निर्माण स्वीकार्य नहीं : उपायुक्त

अवैध आवासीय, व्यावसायिक व औद्योगिक निर्माण स्वीकार्य नहीं : उपायुक्त

  • -अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने संबंधी कार्रवाई करें तुरंत

  • तकनीकी अड़चन होने पर अवैध निर्माण को करें सील, लगाई जाए रोक

    -सभी एसडीएम अवैध निर्माणों की सीएलयू, एनओसी, लाईसेंसिंग की करें जांच

    -जिला टास्क फोर्स समिति की बैठक में उपायुक्त ने अवैध निर्माण पर जताई कड़ी नाराजगी

श्याम वशिष्ठ, सोनीपत। उपायुक्त ललित सिवाच ने कड़े शब्दों में कहा कि सोनीपत जिला में अवैध रूप से किया जाने वाला किसी भी प्रकार का आवासीय, व्यावसायिक तथा औद्योगिक निर्माण स्वीकार्य नहीं है। जहां भी अवैध निर्माण किया जाता है तो संबंधित अधिकारी उसे तुरंत ध्वस्त करवायें। यदि कोई तकनीकी अड़चन आती है तो अवैध निर्माण को सील करने की कार्रवाई अमल में लायें, किंतु अवैध निर्माण पर रोक लगाई जाए।

उपायुक्त सिवाच अवैध निर्माण की रोकथाम के लिए गठित जिला टास्क फोर्स समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे, जिसका आयोजन लघु सचिवालय में किया गया। उन्होंने कहा कि समिति की बैठक में लिए जाने वाले निर्णयों को अमल में लाया जाए। संबंधित अधिकारीगण अपनी प्रगति रिपोर्ट तथा एक्शन टेकन रिपोर्ट निर्धारित समयावधि में अनिवार्य रूप से प्रेषित करें। जिला टास्क फोर्स समिति का गठन अवैध निर्माण रोकने के लिए किया गया है, जिसके लिए समिति को पर्याप्त शक्तियां दी गई है। समिति में शामिल अधिकारियों को इन शक्तियों का प्रयोग करना चाहिए। विशेष रूप से एसडीएम को अत्यधिक शक्तियां प्रदान की गई हैं।

उपायुक्त ने कहा कि अवैध निर्माण से आम जनमानस और सरकार को नुकसान उठाना पड़ता है। सरकार को राजस्व का घाटा होता है और लोगों को विभिन्न प्रकार की समस्याएं उठानी पड़ती हैं। उन्होंने कहा कि सीएलयू, एनओसी, फायर स्कीम, नक्शा इत्यादि की अनिवार्य रूप से जांच की जाए। उन्होंन सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि वे अपने क्षेत्र में अवैध निर्माण पर रोक लगवायें। राजस्व अधिकारियों की बैठक लेकर तुरंत प्रभाव से अवैध निर्माणों पर शिकंजा कसें। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को भी निर्देश कि वे अवैध निर्माणों के मामले में दी जाने वाली शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज करें। साथ ही अवैध निर्माण ध्वस्त करने के मौके पर पर्याप्त पुलिस बल मुहैया करवायें।

उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि अवैध निर्माण होने नहीं दिया जाएगा। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाला सोनीपत जिला बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में समिति में शामिल सभी अधिकारी बेहतरीन तालमेल के साथ अवैध निर्माणों पर रोक लगायें। जिला नगर योजनाकार के नियंत्रित क्षेत्र से बाहर के क्षेत्र में अन्य संबंधित अधिकारी अवैध निर्माण रूकवायें। उन्होंने कहा कि ऐसी सूची तैयार की गई है, जहां तुरंत कार्रवाई की जाए। उन्होंने विशेष रूप से मुरथल रोड, बहालगढ़ रोड, रतनगढ़, बागडू, नाहरी इत्यादि स्थानों पर अवैध गतिविधियों को तुरंत प्रभाव से रोकने के निर्देश दिए।

विद्युत निगम अवैध निर्माण को न करें कनैक्शन जारी

उपायुक्त सिवाच ने निर्देश दिए कि अवैध कालोनियों व अवैध निर्माणों को विद्युत निगम किसी भी सूरत में कनैक्शन जारी न करें। यदि कहीं कनैक्शन जारी किये गये हैं तो उन्हें तुरंत प्रभाव से कटवा दें। विद्युत निगम के अधिकारियों को पूर्ण जांच-पड़ताल के उपरांत ही कनैक्शन जारी करने चाहिए। सीएलयू तथा एनओसी और कालोनियों के लाईसेंस की जांच अनिवार्य रूप से की जाए।

नपा सचिव कार्यवाही कर एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट करें

उपायुक्त ने नगर परिषद व नगर पालिकाओं के सचिवों को कड़े निर्देश दिए कि वे अपने क्षेत्र में किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण न होने दें। एक सप्ताह के भीतर अवैध निर्माण रोकने व सीलिंग इत्यादि की कार्यवाही करके रिपोर्ट प्रेषित करें। खरखौदा में बिना नक्शा पास करवाये अवैध रूप से शोरूम विकसित किये जाने की शिकायतें मिल रही हैं। कुंडली में इस प्रकार की सर्वाधिक शिकायतें मिल रही हैं, जहां बड़े-बड़े शोरूम आदि अवैध निर्माण आवश्यक नॉम्र्स को पूरे किये बिना बनाये जा रहे हैं। गन्नौर में छोटी-छोटी कालोनियों अवैध रूप से विकसित करने की शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। गोहाना में भी अवैध निर्माण फलने-फूलने की खबरें हैं। ऐसे अवैध निर्माणकर्ताओं के निर्माण ध्वस्त किये जायें। नोटिस देकर सीलिंग कार्रवाई भी करें। राई-कुंडली में औद्योगिक निर्माण की स्वीकृति लेकर व्यावसायिक गतिविधियों की शिकायतें भी आई हैं, जिनकी तुरंत प्रभाव से जांच की जाए। बैठक में एसडीएम शशि वसुंधरा, सुरेंद्र सिंह दून, डा. अनमोल, नगर निगम के संयुक्त आयुक्त सुभाषचंद्र, जिला नगर योजनाकार नरेश, एक्सईएन भूपेंद्र सिंह, पंकज गौड़, यशवीर सिंह आदि संबंधित अधिकारीगण मौजूद थे।

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