चातुर्मास के दौरान सभी श्रद्धालु वैराग्य भाव पैदा करने का प्रयास करेंगे : उपेन्द्र मुनि

चातुर्मास के दौरान सभी श्रद्धालु वैराग्य भाव पैदा करने का प्रयास करेंगे : उपेन्द्र मुनि

दर्शन के लिए बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं की सेवा कर चातुर्मास को सफल बनाने का प्रयास करेंगे

रणबीर रोहिल्ला, सोनीपत। शास्त्री उपेंद्र मुनि महाराज ने कहा कि जैन धर्म के सिद्धांतों का पालन करके कोरोना महामारी के संकट से बचा जा सकता है। शाकाहार, मुंह पर पट्टी, शुद्ध पेयजल, भोजन में स्वच्छता, हाथों को बार-बार धोना जैसे कार्य जैन धर्म अनुयायी लंबी सदियों से करते आ रहे हैं।  उपेंद्र मुनि शुक्रवार को पुराने शहर की जैन स्थानक में प्रशांत मुनि एवं सहदेव मुनि के साथ विहार कर भव्य शोभायात्रा के साथ पहुंचे। बैंड बाजों के साथ शोभायात्रा शुरू होकर पुराने शहर के सभी जैन मंदिरों की परिक्रमा करते हुए स्थानक में प्रवेश किया।

उपेंद्र मुनि का चातुर्मास इस बार सोनीपत में रहेगा। उपेंद्र मुनि ने कहा कि चातुर्मास के दौरान सभी श्रद्धालु त्याग तक एवं संयम का पालन करते हुए अपने भीतर मोह ममता कम कर के वैराग्य भाव पैदा करने का प्रयास करेंगे तथा सभी कार्यकर्ता एकता एवं तालमेल के साथ दर्शन के लिए बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं की सेवा कर चातुर्मास को सफल बनाने का प्रयास करेंगे। पूर्व मंत्री कविता जैन ने कहा कि चार माह तक हमें धर्म की गंगा में गोते लगाने का अवसर मिलेगा, जिसका लाभ हर धर्म प्रेमी को उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जैन धर्म की वैज्ञानिक प्रमाणिकता पूरा विश्व मान चुका है। राजीव जैन ने कहा कि हम सबके लिए गौरव की बात है कि जहां कोरोना संक्रमण को खत्म करने के लिए हवन यज्ञ, गूगल धुमनी, पूजा-पाठ किए जा रहे हैं। वहीं ब्रिटेन की संसद में कोरोना महामारी को खत्म करने के लिए णमोकार मंत्र का जाप किया गया।

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