पेयजल संकट : बूस्टिंग स्टेशनों पर पांच मोटरों में से तीन खराब : जैन

पेयजल संकट : बूस्टिंग स्टेशनों पर पांच मोटरों में से तीन खराब : जैन

  • मोटरों के रिफ्लेक्स वाल्व एक वर्ष से खराब, नहीं होती कोई सुनवाई
  • मोटर के खराब होने से पानी की लाइनों में प्रेशर नहीं बनता

रणबीर रोहिल्ला, सोनीपत। बूस्टिंग स्टेशनों पर मोटरों के रिफ्लेक्स वाल्व एक वर्ष से खराब है, इसलिए पानी की लाइनों में प्रेशर नहीं बनता, टैंक से मोटर तक आने वाली लाइने लीक कर रही है, पांच मोटरें है तो तीन खराब है, दो ही मोटरों से पेयजल की आपूर्ति की जा रही है, शहर में पेयजल संकट का असली कारण यही है। मुख्यमंत्री के पूर्व मीडिया सलाहकार राजीव जैन, भाजपा युवा मोर्चा के प्रभारी संजीव वलेचा के साथ शनिवार को सुबह 7 बजे ओल्ड हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के बूस्टर पर पहुंचे, यही कुछ नजारा पाया। मौजूद कर्मचारियों ने बताया कि हम एक वर्ष से अधिकारियों से रिफ्लेक्स वाल्व बदलवाने के लिए कह रहे है, परंतु कोई सुनता नहीं इसलिए मोटरें पानी उठाने में दिक्कत करती हैं।

बूस्टिंग पर पांचों मोटरें बंद थी, पूछने पर पता चला कि दो तो बिल्कुल पानी नहीं उठाती, एक रिपेयर के लिए गई हुई है, दो मोटरों को शुरू करवा कर देखा तो वाकई पानी नहीं उठाया। काफी मशक्कत के बाद मोटर चालू हुई वह भी कम प्रेशर के साथ। इन सारे हालात की जानकारी फोन पर नगर निगम आयुक्त जगदीश शर्मा को  देकर पानी का प्रबंध ठीक करने का आग्रह किया। बूस्टिंग स्टेशन के पीछे टैंक चेक किया तो 8 फुट पानी खड़ा था, जाजल से पानी आ रहा था, लेकिन देखा कि टैंक से मोटरों तक पानी ले जाने वाली लाइनों से पानी लीक कर रहा है इसलिए भी प्रेशर नहीं बनता। एक मोटर का पंप के पास ढक्कन फटा पड़ा है, उसे कोई ठीक नहीं करवाता। राजीव जैन ने बताया कि सुबह से ही इंदिरा कॉलोनी, प्रेम नगर, न्यू कॉलोनी, मोहनपुरा, मशद मोहल्ला से पानी न आने की शिकायत आ रही थी। इसी तरह मुखी अस्पताल के पास दो मोटर पुरानी है जो प्रेशर से पानी सप्लाई नहीं करती और एक खराब पड़ी है।

ऋषि कॉलोनी बूस्टिंग पर दो मोटर है इसमें से एक खराब है।  राजीव जैन ने बताया कि नगर निगम प्रशासन ने जन स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को वापिस भेज दिया और निगम के सिविल विभाग से जुड़े एस.डी.ओ तथा जे. ई को पानी का सिस्टम समझ मे नही आ रहा इसलिए पानी उपलब्ध होने के बावजूद बूस्टिंग स्टेशन का प्रबंध ठीक से नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि नगर निगम अधिकारी आग लगने पर कुआं खोदने की कहावत को चरितार्य कर रहे हैं। पेयजल के लिए हाहाकार मचने पर शहर के पुराने ट्यूबवेलों को शुरू करने का प्रयास कर रहे हैं, बूस्टिंग स्टेशनों पर 2 दिन पूर्व ही नए जनरेटर सेट मंगवाये गये है। जबकि पेयजल संकट की आशंका देखते हुए यह कार्य गर्मी का सीजन शुरू होने से पहले हो जाना चाहिए था।

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