अनुसूचित जाति व बीपीएल परिवार स्वरोजगार के लिए योजनाओं का लाभ उठा सकते 

अनुसूचित जाति व बीपीएल परिवार स्वरोजगार के लिए योजनाओं का लाभ उठा सकते 

विभिन्न व्यवसायों के लिए प्रदान किया जाता है 1.50 लाख रुपये तक का ऋण

रणबीर रोहिल्ला, सोनीपत। राज्य सरकार की तरफ से अनुसूचित जाति तथा बीपीएल परिवारों के लिए स्वरोजगार स्थापित करने के लिए अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के माध्यम से अनेकों योजनाएं लागू की है। इन योजनाओं का पात्र व्यक्ति लाभ उठाकर अपना रोजगार स्थापित कर सकता है। इस जिले के दिव्यांगजनों के आर्थिक व सामाजिक उत्थान के लिए प्रार्थियों को ऋण की सुविधा भी दी जा रही है। इस ऋण से प्रार्थी अपना रोजगार स्थापित कर सकते हैं।

उपायुक्त ललित सिवाच ने बताया कि अनुसूचित जाति के व्यक्तियों को, जो गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहे हैं, बीपीएल परिवार, को अपना स्वयं रोजगार स्थापित करने हेतु बैंकों के माध्यम से ऋण उपलब्ध करवाया जाता है। ऐसे योग्य प्रार्थी जिनकी पारिवारिक वार्षिक आय ग्रामीण क्षेत्रों में 49 हजार रुपये से अधिक व शहरी क्षेत्रों में 60 हजार रुपए से अधिक न हो, अपना स्वयं कारोबार करने के लिए बैंकों के माध्यम से 1 लाख 50 हजार रुपये तक का ऋण उपलब्ध करवाया जाता है। इस योजना के तहत योग्य प्रार्थी को पशु पालन, करियाना दुकान, बुटीक, ब्यूटी पार्लर, मनियारी दुकान, झोटा बुग्गी, खच्चर रेहड़ा, सूअर पालन या अन्य कोई लाभप्रद आय उपार्जन योजना इत्यादि के लिए उपलब्ध करवाया जा रहा है।

उपायुक्त ने बताया कि निगम द्वारा अधिकतम 10 हजार रुपये तक का अनुदान व 10 प्रतिशत मार्जिन मनी 4 प्रतिशत ब्याज दर उपलब्ध करवाया जाता है तथा बकाया ऋण बैंकों द्वारा दिया जाता है। इसके साथ-साथ विभाग द्वारा कृषि एवं सम्बन्धित क्षेत्र के अंतर्गत डेरी यूनिट, मशरुम कल्टीवेशन, एग्रीकल्चर औजार, सेवा क्षेत्र के अंतर्गत प्रिंटिग प्रेस, बारबर शॉप, फोटाग्राफी, इलेक्ट्रिक रिपेयर शॉप, फ्लोर मिल, लघु व्यवसाय के अंतर्गत मनियारी, बुक शॉप, स्वीट, क्लाथ, रेडीमेंट गारमेंटस व कोल्ड कार्नर, ढाबा यूनिट, पान शॉप आदि के लिए ऋण उपलब्ध करवाया जाता है।

उपायुक्त ने बताया कि विकास निगम द्वारा राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम के वित्तीय सहयोग से राज्य के सफाई कर्मियों तथा उनके आश्रितों, जो किसी प्रकार के सैनीटेशन कार्य में लगे हुए हैं, को स्वयं रोजगार हेतु विभिन्न स्कीमों जैसे बैंड बाजा, फोटाग्राफी, फर्नीचर व ईमारती लकड़ी का कार्य, आटो रिपेयर, मोबाईल के लिए ऋण उपलब्ध करवाता है। इसके लिए आवेदक हरियाणा का स्थाई निवासी हो तथा वह स्वयं सफाई कर्मचारी हो या उस पर आश्रित हो को स्थानीय राजस्व अधिकारी, उपमंडल अधिकारी, नगर परिषद, नगर पालिका के कार्यकारी अधिकारी द्वारा जारी किया गया प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। उन्होंने कहा कि इन स्कीमों का लाभ प्राप्त करने के लिए, निगम द्वारा ऋण आवेदकों के लिए एक वेबसाईट (एचएसएफडीसी.ओआरजी.ईन) पर  जाकर आवेदक ऋण के लिए आनलाईन आवेदन भर सकता है। इसके अलावा जिले में अंत्योदय या सरल केन्द से भी आवेदन किया जा सकता है।

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