भावी-पीढ़ी के सुखद जीवन के लिए जल संरक्षण जरूरी

भावी-पीढ़ी के सुखद जीवन के लिए जल संरक्षण जरूरी

– खुद भी व्यर्थ न बहने दे जल और दूसरे लोगों को भी करें जागरूक

-सभी किसान भाई जल का बचाने के लिए धान की जगह करें मक्का, ज्वार, बाजरा तथा कपास की खेती 

-मेरा पानी मेरी विरासत योजना के तहत किसानों को दी जा रही है 07 हजार रूपये प्रति एकड़ की आर्थिक सहायता

रणबीर रोहिल्ला, सोनीपत।  उपायुक्त ललित सिवाच ने जिलावासियों का आह्वान किया है कि वे जल का सदुपयोग करें और जल को व्यर्थ न बहाए। अपने बाग-बगीचों की अनावश्यक सिंचाई न करें और अनावश्यक रूप से गाडिय़ों इत्यादि को धोना बंद करें ताकि  जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग जनता की सेवा में सभी को समान रूप से जल वितरण कर सकें। उन्होनें कहा कि सभी व्यक्ति अपने घर में उचित मात्रा में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करें।

उपायुक्त सिवाच ने कहा कि भावी पीढिय़ों के सुखद जीवन के लिए आज में जल संरक्षण अवश्य करना चाहिए। ताकि हमारी आने वाली पीढिय़ों को हम पीने के रूप में शुद्घ पानी दे सकें। क्योंकि पानी के बिना मुनष्य जीवन संभव नहीं है। अगर आज के समय में हमने जल संरक्षण की और कदम नहीं बढाया तो मनुष्य की तबाही निश्चित है। उपायुक्त ने जिलावासियों से यह भी अपील की है कि वे अपने घरों में लगे नलों या घरों के बाहर लगे नलों को खुला न छोडे और जब आवश्यकता हो तब ही इन नलों को चलाए।

नलों को खुला छोडने से जहां कीमती पानी की बरबादी होती है, वहीं पानी के व्यर्थ बहने से गलियों एवं सडक़ों का नुकसान होता है तथा कीचड होती है, जिससे लोगों को आवागमन में असुविधा होती है। उन्होंने कहा कि खुद भी जल बचाने के साथ-साथ दूसरे लोगों को भी जल बचाने के प्रति जागरूक करें। ताकि आने वाले समय में यह जन आंदोलन का रूप ले सके। उपायुक्त ने किसान भाईयों से भी आग्रह किया कि जहां पर धरती का जल स्तर अधिक नीचे है और ट्यूबल के माध्यम से सिंचाई की जाती है वहां पर सभी किसान भाई धान की फसल की जगह मक्का, ज्वार, बाजरा, तथा कपास की फसल उगाएं ताकि जल को बचाया जा सके। सरकार द्वारा भी ऐसे किसानों को मेरा पानी मेरी विरासत योजना के तहत 07 हजार रूपये प्रति एकड़ की आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है।

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