वृक्षों की औलाद तरह करनी चाहिए परवरिश : मनोहर लाल

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 संगठन के कार्यकर्त्ता त्रिवेणी लगाते हुए।

औलाद और पौधों की अच्छी तरह से परवरिश की जाये तो ही फल देते  

सांपला, महेश कौशिकपर्यावरण संतुलन बनाए रखने एवं शुद्ध जलवायु के लिये पौधरोपण करना चाहिये। पेड़ों के अंधाधुंध हो रहे कटान को पूर्ण रूप से प्रतिबन्धित कर धरातल पर वृक्षारोपण कर उनकी औलाद की तरह परवरिश की जानी चाहिए। औलाद और पौधों की अच्छी तरह से परवरिश की जाये तो ही फल देते है, वरना वो या उजड़ जाते या फिर गलत आकार पा जाते हैं।

यह बात आज सांपला खंड के गांव में वी फार बदलाव संगठन की ओर से से चलाये जा रहे मासिक वन महोत्सव के दौरान लगाये जा रहे पौधा अभियान के तहत युवाओं को संबोधित करते हुई कही। मनोहर लाल की तीन पीढ़ी अपने स्तर पर हजारों वृक्ष लगा चुकी है और उनकी देखभाल अपनी संतान की तरह कर रही है। उन्होंनें कहा कि आज के युवा अपनी आने वाली संतानों के लिए एक अच्छा वातावरण देने की पहल कर रहे है जो अत्यत सराहनीय कार्य कर रहे है। वी फार बदलाव के युवा आशीश कौशिक ने बताया कि वे पिछले एक सप्ताह से प्रतिदिन लगभग सौ पेड़ लगा कर उनकी सुरक्षा के लिए तारबंदी कर रहे है।

निंरजन सिंह राठौर ने बताया कि मानव जाति के जीवन के लिये पेड़ जीवनदाई है। उन्होंने बताया कि कोरोना काल में वे कहीं बाहर नहीं जा पा रहे थे वो इस मुहिम में जुड़ कर समय का सदुपयोग कर रहे है। वे पौधा रोपण पर विशेष ध्यान देकर आमजन को पौध रोपण के लिये प्रेरित कर रही है। इस अवसर पर संगठन की ओर से पीपल, नीम एवं आम के ढेड़ सौ पौधे वितरित किये गये। युवाओं की इस मुहिम की चर्चा आस पास के गांव में हो रही है।

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