ब्लैक फंगस की संभावित स्थिति अनुसार समय रहते करें आवश्यक तैयारी : रणजीत सिंह

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कोविड सैंटर की भांति ब्लैक फंगस मरीजों के लिए बनाया जाए अलग से सैंटर, -कोरोना की स्थिति में सुधार प्रशासनिक टीम वर्क व जिलावासियों के सहयोग का परिणाम

राजेश सलूजा, सिरसा। प्रदेश के बिजली, अक्षय ऊर्जा एवं जेल मंत्री रणजीत सिंह ने कहा कि कोरोना महामारी के बीच उत्पन्न हुई ब्लैक फंगस बीमारी की संभावित स्थिति को ध्यान में रखते हुए समय रहते स्वास्थ्य संबंधी सभी आवश्यक तैयारियां की जाएं। इसके लिए कोविड केयर सैंटर की तर्ज पर ब्लैग फंगस मरीजों के लिए अलग से सैंटर बनाने की दिशा में कार्य किया जाए, ताकि बीमारी की गंभीर स्थिति में मरीजों को तुरंत स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध हो सके।

बिजली मंत्री, जो सिरसा के कोविड प्रबंधन प्रभारी भी हैं, शनिवार को लघुसचिवालय स्थित सभागार में आयोजित कोविड-19 सलाहकार समिति की बैठक को वर्चुअल माध्यम से संबोधित कर रहे थे। बैठक में उपायुक्त प्रदीप कुमार, नगर आयुक्त संगीता तेतरवाल, पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह, एसडीएम जयवीर यादव, एसडीएम दिलबाग सिंह, एसडीएम विजय सिंह, सीएमओ डा. मनीष बंसल, डिप्टी सीएमओ बुधराम, डीआईओ रमेश कुमार सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। वर्चुअल बैठक में सांसद सुनीता दुग्गल, पूर्व चेयरमैन जगदीश चौपड़ा, पूर्व विधायक बलकौर सिंह, पूर्व विधायक रामचंद्र कंबोज ने ऑनलाइन माध्यम से भाग लिया। बैठक में उपायुक्त प्रदीप कुमार ने जिला में कोरोना की स्थिति व इससे निपटने के लिए किए गए प्रबंधों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बिजली मंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी पर अंकुश की दिशा में हम निरंतर आगे बढ रहे हैं।

संक्रमण से बचाव व इसकी रोकथाम में सभी ने बेहतर कार्य किया है। प्रशासन ने पूरे समन्वय के साथ काम किया है। इसके साथ ही समाजसेवियों, सामाजिक संस्थाओं व जिलावासियों का सक्रिय सहयोग मिला। गांवों में ग्रामीण मैडिकल प्रेक्टिशनर ने अपनी सक्रिय भूमिका निभाते हुए संपूर्ण सहयोग दिया है। इन सबके चलते कोरोना स्थिति के मामले में बेहतर स्थिति में पहुंचे हैं और जल्द ही कोरोना महामारी पर काबू पा लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिलावासियों को स्वास्थ्य सुविधाओं की कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण के बीच अब ब्लैक फंगस बीमारी के मामले भी सामने आ रहे हैं, जोकि बेहद चिंता का विषय है। प्रदेश सरकार ने ब्लैक फंगस को अधिसूचित किया है। इस बीमारी के इलाज के लिए महाराजा अग्रसेन मेडिकल कॉलेज अग्रोहा को सिरसा के लिए अधिकृत किया गया है। उन्होंने डॉक्टर व संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि हमें ब्लैक फंगस बीमारी को रोकने के लिए समय रहते सभी आवश्यक कदम उठाने होंगे और इसके लिए अभी से तैयारियां शुरू कर दें। अभी ब्लैक फंगस के मामले कम हैं, लेकिन हमें बीमारी की संभावित स्थिति से निपटने के लिए अभी से आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं तैयार रखनी होंगी और लोगों को इसके बारे में विभिन्न माध्यमों से जागरूक भी करना होगा।  बीमारी की रोकथाम में जो भी आवश्यकता होगी, उसे सरकार की ओर से तुरंत प्रभाव से उपलब्ध करवाया जाएगा।

कोई भी पात्र व्यक्ति बिना वैक्सीन के न रहे

सांसद सुनीता दुग्गल ने कहा कि कोरोना वैक्सीनेशन पर अधिक जोर दिया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र व्यक्ति बिना वैक्सीन के न रहे। इसके लिए उन्होंने सुझाव दिया कि टीका उत्सव की भांति वैक्सीनेशन कार्यक्रम चलाया जाए, जिससे एक जगह पर ही परिवार के सभी सदस्यों को वैक्सीन लगाई जा सके। उन्होंने कहा कि रजिस्ट्रेशन में नागरिकों कोई परेशानी न हो। उन्होंने कोरोना प्रभावी गांवों में कंटेनमेंट जोन बनाने बारे भी अपने सुझाव दिए, ताकि ग्रामीण क्षेत्र में संक्रमण का फैलाव न बढे। इसी प्रकार गांव में होमआईसोलेशन सैंटर में मरीजों के दाखिले, स्वास्थ्य सुविधाओं, चिकित्सकों आदि की जानकारी रखी जाए ओर समय-समय पर इसकी निगरानी की जाए।

उन्होंने कहा कि होमआईसोलेज जो मरीज ठीक हो गए हैं, उनके थर्मामीटर व ऑक्सोमीटर को सेनेटाइज करके दोबारा अन्य मरीजों को दिया जाए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग हर क्षण की जानकारी रखें। गांव में किए जा रहे सर्वे के दौरान सही डाटा एकत्रित किया जाए और प्रत्येक परिवार के पास पहुंचकर उनके स्वास्थ्य की जांच सही ढंग से करें। सांसद ने जिला अधिकारियों को आश्वस्त किया कि केंद्र व राज्य सरकार की तरफ से उन्हें हरसंभव मदद की जाएगी। उन्होंने कहा कि कोविड संक्रमण से तीन प्रकार के केस चिन्ह्ति हो रहे हैं, माइल्ड सिमटम्स वाले मरीज घर पर ही चिकित्सीय सुविधा लेकर ठीक हो रहे हैं। प्रशासनिक अधिकारी यह ध्यान रखें कि मोडरेट केस क्रिटिकल की पॉजिशन में न पहुंच पाएं, उन्हें पर्याप्त चिकित्सीय सुविधा दी जाए। उन्होंने कहा कि क्रिटिकल केसों पर विशेष ध्यान दिया जाए और मरीज की जान बचाने का हरसंभव प्रयास होना चाहिए। स्वास्थ्य सुविधाओं की कोई कमी नहीं रहने दी जएगी।

टॉस्क फोर्स कमेटी का गठन किया

पूर्व चेयरमैन जगदीश चौपड़ा ने कहा कि ब्लैक फंगस बीमारी के लिए प्रदेश सरकार ने टॉस्क फोर्स कमेटी का गठन किया है। इसी तर्ज पर जिला में भी टॉस्क फोर्स कमेटी बनाईजाए, जिसमें विषय विशेषज्ञों व आईएमए के सदस्य को शामिल किया जाए। बीमारी की संभावित गंभीर स्थिति को ध्यान में रखते हुए अभी से प्रभावी कदम उठाएं जाएं। उन्होंने कहा कि ब्लैक फंगस के सिरसा मरीजों के लिए अग्रोहा मेडिकल कॉलेज को अधिकृत किया गया है। उन्होंने भी ब्लैक फंगस मरीजों के लिए अलग से सैंटर बनाए जाने का सुझाव दिया। उपायुक्त प्रदीप कुमार ने जिला में कोरोना स्थिति व इसके प्रबंधों बारे जानकारी देते हुए बताया कि दूसरे जिलों की तुलना में सिरसा में कोरोना की स्थिति में निरंतर सुधार हो रहा है। रिकवरी रेट भी बढा है। उन्होंने बताया कि प्रशासन की ओर से ग्रामीण क्षेत्र में 140 गांवों में होमआईसोलेशन सैंटर बनाए गए हैं। इसके साथ ही ग्रामीणों द्वारा ठीकरी पहरा भी लगाया जा रहा है और वे स्वयं व अतिरिक्त  उपायुक्त तथा संबंधित एसडीएम समय-समय पर निरीक्षण करते हुए निगरानी रख रहे हैं।

उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में अब तक कोविड दवाई की 24 हजार किटें वितरित की गई है। इसके साथ ही सरकार की ओर से उपलब्ध करवाई गई एक हजार किटों(जिनमें थर्मामीटर, ऑक्सोमीटर आदि उपकरण हैं)में से 500 किटों को कोविड लक्षण वालों को उपलब्ध करवाया गया है और आज शाम तक बची हुई किटों का भी वितरण करवा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में मेडिकल किटों का वितरण व मेडिकल प्रेक्टिशनर को कोविड इलाज के लिए दिया गया प्रशिक्षण अनुठा प्रयोग रहा, जिससे संक्रमण फैलाव रोकने में मदद मिली है। उन्होंने बताया कि आवश्यक वस्तुओं, कोविड इलाज, एंबूलेंस आदि के रेट निर्धारित करते हुए रेट लिस्ट चश्पा करवाई गई है। रेट निर्धारण के बाद से अब तक एंबूलेंस रेट को लेकर कोई शिकायत नहीं मिली है। उन्होंने बताया कि रेट निर्धारण दवाओं की बिक्री के संबंध में ऑडिट किया जाएगा, जिसके लिए टीम गठित कर दी गई है। उन्होंने बताया कि अब तक जिला में 2 लाख 45 हजार लाभार्थियों को वैक्सीन लगाई जा चुकी है।  उन्होंंने बताया कि जिला में कुल 110 ऑक्सीजन कंसिट्रेटर उपलब्ध हैं, इनमें से 44 सिरसा में, 12 डबवाली में, 18 ऐलनाबाद में, पांच कालांवाली, 20 चौटाला में, तीन ओढां में, तीन चौपटा में तथा पांच जेसीडी अस्पताल में दिए गए हैं।

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