कोरोना संक्रमण की चेन तोडऩे में ग्रामीण मेडिकल प्रेक्टिसनर निभाएं सक्रिय भूमिका : रणजीत सिंह

0
Rajesh sulija
Rajesh sulija

ग्रामीणों को चिकित्सीय जांच व वैक्सीन लगवाने के लिए करें प्रेरित, -कोरोना लक्षण वालों को घर पर रहकर उपचार लेने व बचाव उपायों के लिए करे प्रेरित, -होमआईसोलेशन सैंटर बनाने के लिए कोरोना प्रभावित 70 गांव किए चिन्हित, -बिजली मंत्री रणजीत सिंह ग्रामीण क्षेत्र में कोरोना महामाी की रोकथाम को लेकर ग्रामीण मेडिकल प्रेक्टिसनर के साथ की बैठक

राजेश सलूजा, सिरसा। प्रदेश के बिजली, अक्षय ऊर्जा एवं जेल मंत्री रणजीत सिंह ने कहा कि पिछली बार कोरोना का प्रभाव केवल शहरी क्षेत्र तक ही सीमित था, लेकिन इस बार ग्रामीण क्षेत्र में भी कोरोना संक्रमण का फैलाव हो रहा है। शुरूआती लक्षणों पर गांव में ही कोरोना का इलाज हो जाए तो अस्पताल में दाखिल होने की स्थिति से बचा जा सकता है और संक्रमण का फैलाव भी रूक सकता है। इस कार्य में ग्रामीण मेडिकल प्रेक्टिसनर अपनी सक्रिय भूमिका निभाते हुए ग्रामीण क्षेत्र में संक्रमण की कड़ी को तोडऩे में सहयोगी बनें। बिजली मंत्री शुक्रवार को स्थानीय पंचायत भवन में ग्रामीण क्षेत्र में कोरोना मरीजों के उपचार व संक्रमण के फैलाव पर अंकुश को लेकर ग्रामीण मेडिकल प्रेक्टिसनर की बैठक को संबोधित कर रहे थे।

ग्रामीण मेडिकल प्रेक्टिसनर ने अपने अनुभव के आधार पर गांव में कोरोना की स्थिति से अवगत करवाते हुए मरीजों के उपचार व कोविड प्रबंधन को लेकर अपने सुझाव भी दिए। इस अवसर पर उपायुक्त प्रदीप कुमार, एसडीएम जयवीर यादव, सीएमओ मनीष बंसल, डिप्टी सीएमओ डा. बुधराम, डा. रोहताश, समाजसेवी एडवोकेट संजीव जैन आदि उपस्थित थे। बिजली मंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में बढ़ते संक्रमण मामले चिंता का विषय है। प्रदेश सरकार व प्रशासन प्राथमिकता के साथ ग्रामीण क्षेत्र में कोविड प्रबंधन को लेकर प्रभावी कदम उठा रहा है। लोगों में कोरोना को लेकर गलत धारणाएं व अनभिज्ञता भी गांवों में संक्रमण के फैलाव का कारण बन रही है। यदि ग्रामीण शुरूआती लक्षण पर ही अपना इलाज करवा लें, तो उन्हें अस्पताल में आने की आवश्यकता ही नहीं रहेगी। चूंकि ग्रामीण मेडिकल प्रेक्टिसनर का स्वास्थ्य की दृष्टि से ग्रामीणों पर खासा प्रभाव रहता है, उनकी बातों को लोग ध्यान से सुनते व समझते हैं। इसलिए ग्रामीण क्षेत्र में कोरोना संक्रमण के फैलाव की रोकथाम में ग्रामीण मेडिकल प्रेक्टिसनर अहम भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों का गांव के डॉक्टर पर बड़ा विश्वास होता है और बीमारी के संबंध में उन द्वारा बताएं सुझाव व उपायों को दृढता से अपनाते भी हैं। इसलिए गांव में ग्रामीण मेडिकल प्रेक्टिसनर जहां शुरूआती लक्षणों पर ही उपचार करने में मदद करें, वहीं लोगों को संक्रमण से बचाव उपायों को लेकर जागरूक भी करें।

दवाओं के इस्तेमाल के लिए प्रेरित करें

उन्होंने कहा ग्रामीण क्षेत्र में कोविड इलाज संबंधी किटों का वितरण करवाया जा रहा है। ग्रामीण मेडिकल प्रेक्टिसनर गांव में कोरोना लक्षण वालों को इन दवाओं के इस्तेमाल के लिए प्रेरित करें और मेडिकल किटों के वितरण कार्य में सहयोग भी करें। उन्होंने कहा कि जिला में 15 हजार मेडिकल किटों का वितरण किया जाएगा और आवश्यकता पडऩे पर अतिरिक्त मेडिकल किटें भी तैयार करवाई जाएंगी। गांव में कोविड दवाई या इसके प्रबंधन को लेकर जो भी आवश्यकता हो, उस बारे उन्हें या प्रशासन को अवगत करवाएं, तुरंत सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। उपायुक्त प्रदीप कुमार ने कहा कि ग्रामीण मेडिकल प्रेक्टिसनर गांव में खांसी, जुकाम, बुखार आदि लक्षण वालों का कोरोना मानते हुए उपचार करें।

इसके साथ ही ऐसे मरीजों का औपचारिक रूप से रिकॉर्ड भी रखें और उनके संपर्क में रहें। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को इस बात के लिए जागरूक करें कि शुरूआती लक्षण पर ही उपचार लिया जाए तो घर पर रहकर भी कोरोना का इलाज हो सकता है। ग्रामीणों को गिलोय का सेवन करने, गर्म पानी पीने, गर्म पानी करके भाप लेने आदि घरेलू उपायों को लेकर भी जागरूक करें। उन्होंने कहा कि गांव में जो मेडिकल किट वितरित की जा रही हैं, वे डॉक्टरों व विशेषज्ञों की सलाह पर तैयार की गई हैं। लक्षण वाले मरीजों को इन दवाईयों को लेने के लिए प्रेरित करें। इसके साथ ही वे अपने स्तर पर भी इन दवाईयों को मरीजों दें। मेडिकल किट की जरूरत पर प्रशासन को अवगत करवाएं, उन्हें तुरंत उपलब्ध करवा दी जाएंगी।

जिला के 70 गांवों को चिन्हित किया

उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से ग्रामीण क्षेत्र में कोरोना संक्रमण के फैलाव को रोकने तथा कोविड मरीजों के इलाज के संबंध में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में कोरोना से प्रभावित गांवों में होम आईसोलेशन सैंटर बनाने की व्यवस्था पर कार्य किया जा रहा है। इसके प्रथम चरण में जिला के 70 गांवों को चिन्हित किया गया है। उन्होंने कहा कि इन होमआइसोलेशन सैंटर में भी मेडिकल प्रेक्टिसनर की सेवाओं की आवश्यकता रहेगी। इसलिए मेडिकल प्रेक्टिसनर कोरोना लक्षण वालों के इलाज के साथ-साथ उनका एक रजिस्टर में रिकॉर्ड भी रख लें, ताकि होमआईसोलेशन के प्रबंधन में आसानी हो सके।

सीएमओ डा. मनीष बंसल ने मेडिकल प्रेक्टिसनर को कोरोना लक्षणों की स्टेज अनुसार जानकारी दी और इसके उपचार बारे दी जाने वाली दवाइयों के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को कोरोना को लेकर जागरूक करने की जरूरत है और इस कार्य में मेडिकल प्रेक्टिसनर अहम रोल अदा कर सकते हैं। गांव में कोरोना टेस्ट, वैक्सीन आदि को लेकर जो गलत धारणा बन रही है, उसे लेकर ग्रामीणों की कांउसलिंग करें। उन्होंने कहा कि इस समय कोरोना वेक्सीन इस महामारी से बचाव के लिए अहम कड़ी है। प्रशासन की ओर से गांव में कैंप लगाए जा रहे हैं। मेडिकल प्रेक्टिसनर ग्रामीणों को वैक्सीन लगवाने के लिए प्रेरित करें और उन्हें कोरोना से बचाव उपायों की पालना के लिए जागरूक करें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here