कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए सतर्क रहे, घबराएं नहीं

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Sonipat DC
सोनीपत। जिला उपायुक्त श्याम लाल पूनिया।

कोरोना से जुड़ी अफवाहों से बचें; – टीकाकरण के लिए स्वेच्छा से आगे आये

रणबीर रोहिल्ला, सोनीपत। उपायुक्त श्याम लाल पूनिया ने जिलावासियों से अपील करते हुए कहा कि कोरोना के संक्रमण से बचने के लिए सतर्क रहें। उन्होंने कहा कि वायरस को लेकर घबराए नहीं और इससे जुड़ी अफवाहों से भी बचे। उन्होंने कहा कि नागरिकों की सुविधा के लिए राज्य सरकार ने हेल्पलाइन नंबर 108 जारी किया है। इसके अलावा चिकित्सा परामर्श हेतु दिल्ली परामर्श हेल्पलाइन नंबर 1075 भी जारी किया गया है। इसके अलावा जिला प्रशासन द्वारा भी लोगों की सुविधा के लिए टोल फ्री नंबर 1950, 0130-2221500 व 7494871950 जारी किया गया है। उपायुक्त पूनिया ने कहा कि वायरस से बचाव के लिए नाक और कान को बार-बार न छुएं। बुखार या शरीर में कमजोरी महसूस होने पर यात्रा करने से बचें। छींकने वाले लोगों से दूरी बनाए। सार्वजनिक स्थानों पर न थूंके। चिकित्सीय परामर्श के बिना दवाई न लें। वायरस से दूसरे क्षेत्रों जैसे रेलिंग व दरवाजों आदि को स्पर्श करने से बचें।

सुरक्षा के लिए मास्क अवश्य पहनने

उपायुक्त  ने कहा कि अपनी सुरक्षा व दूसरों की सुरक्षा के लिए मास्क अवश्य पहनने। दिन में कई बार साबुन व सैनिटाइजर से हाथ साफ करें। छींकते वक्त नाक और मुंह को ढके। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें। हाथ मिलाने की जगह नमस्कार करें। उन्होंने कहा कि बुखार, खांसी अथवा सांस लेने में कठिनाई हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। उन्होंने कहा कि टीकाकरण ही कोरोना की रोकथाम का समाधान है। इसलिए सभी पात्र व्यक्ति टीकाकरण अवश्य करवाएं। दूसरे लोगों को भी टीकाकरण के लिए प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि कोरोना कि दोनों वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित है।

कोविड के दौरान तनाव मुक्त व स्वस्थ दिनचर्या अपनाएं। अपने स्वास्थ्य की निरंतर मोनिटरिंग करें। नियमित रूप से तापमान व ऑक्सीजन स्तर की जांच करे। यदि ऑक्सीजन का स्तर 94 प्रतिशत से कम हो तो डॉक्टर से सम्पर्क करें। ऐसी स्थिति में प्रोनिंग (पेट के बल लेट कर) व ऑक्सीजन के स्तर को बढ़ाने वाले तथा श्वसन संबंधित व्यायाम आदि करें। होम आईसोलेशन के दौरान ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थ ले, पौष्टिïक आहार का सेवन करे तथा नियमित दवाईयां लेने के साथ-साथ कोविड के नियमों का कड़ाई से पालन करें। सांस लेने में तकलीफ, ऑक्सीजन स्तर में लगातार गिरावट, छाती में दर्द, दबाव का लगातार बने रहना, शारीरिक रूप से उठने में अक्षमता तथा मानसिक भ्रम की स्थिति में चिकित्सीय सहायता अवश्य ले।

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