पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों को दिए दिशा-निर्देश

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-कोविड-19 को लेकर आने वाली शिकायतों पर जिला में गठित समिति तुरंत करें कार्रवाई

रणबीर रोहिल्ला, सोनीपत। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के सचिव रमेश चन्द्र ने बताया कि माननीय पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति राजन गुप्ता और न्यायमूर्ति करमजीत सिंह की अध्यक्षता में खंडपीठ द्वारा निर्देश दिए गए है कि हर जिले में कोविड-19 की स्थिति से उत्पन्न शिकायतों के निपटान के लिए गठित समिति या नोडल एजेंसी में उपायुक्त चेयरमैन होंगे तथा जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के सचिव, पुलिस अधीक्षक, नगर काउंसिल, निगम के प्रतिनिधि और सिविल सर्जन इस समिति के सदस्य होंगे। मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी ने बताया कि पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय की इस खंडपीठ ने यह भी निर्देश दिए है कि यदि आवश्यक हो तो समिति की बैठक दैनिक आधार पर इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से आयोजित की जाएगी। यह बेंच द्वारा निर्देशित किया गया है कि किसी भी व्यक्ति की शिकायत आने पर समिति द्वारा तुरंत कार्रवाई की जाए।

उन्होंने बताया कि यह समिति यह भी निर्धारित करेगी कि कोई निजी अस्पताल अत्यधिक शुल्क तो नहीं ले रहा। इसके अलावा यह भी ध्यान रखा जाए कि कोई निजी अस्पताल किसी मरीज को बिना कोई सुविधा दिए रैफर तो नहीं कर रहा है। अगर कोई भी निजी अस्पताल और चिकित्सा संस्थानों ऐसा कर रहा है तो उसके खिलाफ दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि माननीय पीठ द्वारा यह भी निर्देश दिए गए है कि कोरोना के प्रति लोगों में भय की स्थिति पैदा न हो इसके लिए लोगों को जागरूक किया जाए। कोरोना मरीजों को सभी सुविधाएं व सेवाएं मुहैया करवाना सुनिश्चित किया जाएं। माननीय पीठ द्वारा नगर निकायों, स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिए गए है कि वे लोगों को मास्क लगाने तथा सामाजिक दूरी बनाने के प्रति जागरूक करें। ताकि लोग कोरोना के संक्रमण से बच सके। इसके अलावा जो व्यक्ति मास्क का प्रयोग नहीं कर रहे है उनके चालान किए जाए।

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