डीसीआरयूएसटी के प्रोफेसर बुल्गारियां के वैज्ञानिकों के साथ मिलकर करेगें शोधकार्य

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>रणबीर सिंह रोहिल्ला, सोनीपत। दीनबंधु छोटू राम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मुरथल के प्रोफेसर बुल्गारियां के वैज्ञानिकों के साथ मिलकर शोध कार्य करेगें। शोधकार्य के लिए प्रदेश से एकमात्र डीसीआरयूएसटी के प्रोफेसरों का चयनित किया गया है। कुलपति प्रो.राजेंद्र कुमार अनायत ने चयनित प्रोफेसरों को बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की। भारत सरकार के विज्ञान एवं तकनीकी मंत्रालय व बुल्गारियां के शिक्षा मंत्रालय द्वारा शोध पर संयुक्त रूप से प्रोजैक्ट आंमत्रित किए गए थे। देश भर के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों से कुल 71 प्रोजैक्ट भेजे गए। दोनों देशों की विशेषज्ञ टीम द्वारा मूल्याकंन के बाद कुल 16 प्रोजैक्टों को मंजूर किया गया है। हरियाणा से मात्र डीसीआरयूएसटी के प्रोजैक्ट को मंजूर किया गया है। विश्वविद्यालय के प्रो.परविंद्र सिंह व डा.दिनेश सिंह ने मिलकर प्रोजैक्ट भेजा था। प्रोजैक्ट के तहत डा.परविंद्र सिंह व डा.दिनेश सिंह दो वर्ष में दो बार  शोध करने के लिए बुल्गारिया जाएगें, इसके अतिरिक्त बुल्गारिया के वैज्ञानिक शोध करने के लिए डीसीआरयूएसटी, मुरथल में दो वर्ष में दो बार आएगें। डीसीआरयूएसटी के प्रोफेसरों का व्यय भारत सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। ज्ञान की नहीं होती कोई भौगोलिक सीमा  < विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.राजेंद्र कुमार अनायत ने कहा कि ज्ञान को भौगोलिक सीमाओं में नहीं बांधा जा सकता है। सृष्टि में मात्र ज्ञान ही ऐसा है जो बांटने से बढता है। उन्होंने कहा कि ज्ञान का सदुपयोग मानव कल्याण के लिए करना चाहिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की शोध की गुणवत्ता  निरंतर बेहतर होती जा रही है, यही कारण है कि हमारे विश्वविद्यालय के प्रोजैक्टों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार किया जा रहा है। 

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