शिक्षकों पर समाज को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी : डा. सिंह

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रणबीर सिंह रोहिल्ला, सोनीपत। उपायुक्त डा. अंशज सिंह ने बताया कि अध्यापक समाज  का सबसे प्रतिष्ठित वर्ग है और बच्चों को समाज का अच्छा नागरिक बनाने की एक बड़ी जिम्मेदारी शिक्षकों की है। खासकर राजकीय स्कूलों के सामने बच्चों को बेहतर शिक्षा देने की एक बड़ी चुनौती आज उनके सामने खड़ी है। डा. अंशज सिंह शुक्रवार को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में मेधावी बच्चों अच्छा कार्य करने वाले प्राचार्यों एवं शिक्षकों को सम्मानित करने के बाद संबोधित कर रहे थे। इससे पहले मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने भी विडियो कांफ्रेस के जरिए चंडीगढ़ से प्रदेश के सभी जिलों में उपायुक्तों व विद्यार्थियों को संबोधित किया। उपायुक्त डा. अंशज सिंह ने जिला के सभी ब्लाकों के सक्षम होने पर अध्यापकों को बधाई देते हुए कहा कि इस योजना से हमने बच्चों के बेहतर भविष्य की बुनियाद रखने की शुरूआत की है। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग में अध्यापक तो थे लेकिन सक्षम योजना ने हनुमान की तरह उन्हें उनकी शक्ति याद दिलवाई है। उन्होंने कहा कि अध्यापक सबसे प्रतिष्ठि वर्ग है और हमें भविष्य में भी बच्चों को बेहतर शिक्षा दिखाने के लिए काम जारी रखना है। उपायुक्त ने कहा कि आज जिन 31 मेधावी बच्चों को 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने पर लैपटॉप देकर सम्मानित किया गया है उनमें से मात्र एक बच्चा राजकीय स्कूलों से है। यह राजकीय स्कूलों के अध्यापकों के सामने एक आईना है और भविष्य में इस चिंता को चिंतन में बदले हुए हमें यह संख्या बढ़ानी है। उन्होंने कहा कि राजकीय स्कूलों के सभी अध्यापक योग्य हैं और उनके अंदर बेहतर करने की क्षमता है। ऐसे में सभी यह संकल्प लें कि हमें अधिक मेहनत कर आगे बढऩा है। भविष्य में किसी भी बच्चे को 134ए के तहत फार्म एप्लाई कर प्राईवेट स्कूलों की तरफ न झांकना पड़े यह संकल्प आज हमें लेना है।
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