एनडीआरएफ की टीम ने बचाई डूबते श्रद्धालु की जान…..

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देवघर (झारखंड)। <विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला, 2019 के दौरान देवतुल्य श्रद्धालुओं को हर संभव सुविधा के साथ सुरक्षा प्रदान करने हेतु जिला प्रशासन एक्टिव मोड में मुस्तैद है। इसी कड़ी में मंदिर के उत्तर मंे स्थित शिवगंगा तट पर कांवरियों की सुरक्षा हेतु प्रशासन के द्वारा एन0डी0आर0एफ0 बटालियन-9, बिहटा के जवानों को प्रतिनियुक्त किया गया हैं। इसके अलावे शिवगंगा तालाब में नाव की व्यवस्था भी की गई है। जिसका उपयोग कर वहाँ तैनात एन0डी0आर0एफ0 की टीम बचाव कार्य कर रही है। वोट की सहायता से एन0डी0आर0एफ0 के जवान शिवगंगा के चारों और चक्कर लगा रहे हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर बचाव कार्य किया जा सके। बचाव दलों की कार्यकुशलता का अनुमान इसी बात से लगाया जा सकता है कि आज एन0डी0आर0एफ0 जवानों के द्वारा शिवगंगा सरोवर में एक बम को अचानक डूबते देखा। त्वरित कार्य करते हुए एनडीआरएफ के जवानों व श्रद्धालुओं की मदद से समय रहते डूबने से बचा लिया गया। इस बम का नाम अल्पेश ठाकुर, पिता-देविकानंदन ठाकुर है। ये ग्राम-सहतवार जिला-बलिया, (उत्तर प्रदेश) के रहने वाले हैं। शिवगंगा तट पर हीं एनडीआरएफ के जवानों द्वारा श्रद्धालु अल्पेश ठाकुर का प्राथमिक उपचार किया गया। जहां उन्हें खतरे से बाहर बताया गया जब श्रद्धालु अल्पेश ठाकुर ने कहा कि अब तो पूरी जिंदगी आऊंगा बाबा बैद्यनाथ के दरबार.... इसके लिए अल्पेश ठाकुर के परिजनों ने जिला प्रशासन व एनडीआरएफ की टीम को बहुत-बहुत धन्यवाद बोलते हुए कहा कि मौत के मुंह से जिंदा वापस आना ये बाबा बैद्यनाथ की कृपा ही है। सरकार द्वारा की गयी व्यवस्थाओं का को धन्यवाद है। अगले वर्ष पूरे परिवार के साथ बाबा को जलार्पण के लिए आएगें। बिछड़ो को हम मिलाते हैं…
सूचना एवं जन-सम्पर्क विभाग की ओर से लगाये गये सूचना-सह-सहायता शिविरों के द्वारा बिछुड़े हुए कांवरियों को उनके परिजनों से मिलाने का कार्य बखूबी निभाया जा रहा हैं। वैसे भी सूचना-सह-सहायता केन्द्रों का स्लोगन हीे है ‘‘बिछुड़ों को हम मिलाते हैं’’। इसी के तहत आज चतरा (झारखण्ड) के रहने वाले लालमनी देवी को हथगढ़ सुविधा केन्द्र में उनके परिजनों से मिलाया गया। बाबा मंदिर में भीड़ के वजह से इनसे इनके परिजन बिछड़ गये था। इसके पश्चात सभी (सुचना केन्दों) में सूचना-सह-सहायता कर्मियों के द्वारा लगातार उदघोषणा की गयी और काफी मेहनत मशक्कत करने के बाद उनकों उनके परिजन से मिला दिया गया। इसके लिए उनके परिजनों ने सूचना-सह-सहायता कर्मियों को इस कार्य के लिए दिल से धन्यवाद दिया। इसके अलावा मेला क्षेत्र में कार्यरत सभी सूचना केन्द्रों द्वारा लगातार सूचना सम्प्रेषण कर बिछड़े हुए कांवरियों को उनके परिजनो से मिलाया जा रहा है। इसी के तहत् आज मनीष बम को उनके भाई दिवाकर बम से मिलाया गया एवं बक्सर के रहने वाले मधु बम को उनकी चाची मीना बम से मिलाया गया।

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