लावारिश पशु छोडऩे वाले चारवाहों पर कार्रवाई करें : डा. सिंह

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नंदीशालाओं में पशुओं की लगातार करें गिनती, खुले घूमने वाले दुधारू पशुओं को भी तुरंत पकड़े नगर निगम, मालिकों पर करें कार्रवाई  रणबीर सिंह रोहिल्ला, सोनीपत। >गायों की झुंड में से बुढ़ी गायों व नंदियों को खुला छोडने वाले चरवाहों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करें और उनके मालिकों के खिलाफ भी सीआरपीसी 133 के तहत नोटिस जारी कर तुरंत कार्रवाई करें। इसके साथ ही शहर की सडक़ों पर घूमने वाले पशुओं को भी तत्काल नदीशालाओं व गौशालाओं में शिफ्ट करें। उपायुक्त डा. अंशज सिंह बुधवार को लघु सचिवालय में अधिकारियों को निर्देश दे रहे थे। मीटिंग में पशुपालन विभाग और नगर निगम के अधिकारियों से जब उपायुक्त ने शहर में स्ट्रे कैटल को लेकर आ रही दिक्कत के बारे में जानकारी ली तो उन्होंने बताया कि कुछ राजस्थानी चरवाहों में शहर के आस-पास अस्थाई तौर पर अपने ठिकाने बना लिए हैं। इनमें से कुछ सेक्टर-7 के आस-पास और कुछ सेक्टर-23 के पास पशुओं को रोकते हैं। जब यह अपना ठिकाना बदलते हैं तो काफी संख्या में नंदियों और बुजुर्ग और दूध देने में नाकाबिल गायों को वहीं छोड़ देते हैं। सोनीपत शहर के अलावा गन्नौर, खरखौदा व गोहाना में इस समय बड़े सींगों वाली इन गायों की बड़ी तादाद हो गई है। इस पर उपायुक्त ने कहा कि इस संबंध में गंभीरता से कार्य करने की जरूरत है और इनके मालिकों को जल्द बुलाने के निर्देश भी उन्होंने दिए। इसके साथ ही जो लोग सुबह-शाम दूध निकालने के बाद गायों को खुले में छोड़ देते हैं उन्हें जब्त करने के भी निर्देश दिए। नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के पशु पहली बार पकड़े जाने पर 5100 रुपये और दूसरी बार पकड़े जाने पर 11 हजार रुपये जुर्माना किया जा रहा है। इसके साथ ही पशु मालिकों को हिदायतें भी जारी की गई हैं। उपायुक्त ने कहा कि सभी नंदिशालाओं में पशुओं को चारे की पूरी व्यवस्था करें। इसके लिए समाजसेवी संगठनों से भी उन्होंने अपील की और कहा कि वह भी लगातार इन नंदिशालाओं में अपना सहयोग दें। उन्होंने पशुपालन विभाग के उपनिदेशक को निर्देश दिए कि नंदिशालाओं व गौशालाओं में पशुओं की लगातार स्वास्थ्य जांच करें। इसके साथ ही पशुओं की प्रत्येक 15 दिन में गिनती की जाए। मीटिंग में समाजसेवी संजय सिंगला ने शहर में पक्षियों के लिए चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाने की मांग रखी। उन्होंने बताया कि इसके लिए दवाओं व अन्य खर्चे भारत विकास परिषद की तरफ से दे दिए जाएंगे। इस पर उपायुक्त ने पशुपालन विभाग के उपनिदेशक को निर्देश दिए कि पशु अस्पताल में अगर जगह उपलब्ध है तो इस तरह की व्यवस्था की जाए। मीटिंग में अतिरिक्त उपायुक्त जयबीर सिंह आर्य, सीटीएम एवं नगर निगम के संयुक्त आयुक्त शंभू राठी, पशुपालन विभाग के उपनिदेशक जशवंत दहिया सहित सभी विभागों के अधिकारी मौजूद थे।   

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