कावडि़यों की सुरक्षा के लिए जारी किये दिशा निर्देश

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>85 चौराहे अति संवेदनशील, 12 मार्गों पर कावडियों का आवगमन  ज्यादा रणबीर सिंह रोहिल्ला, सोनीपत। > हरिद्वार व नीलकंठ आदि स्थानों से श्र्द्धालु पवित्र गंगा जल लेकर कावडियों के रूप में अपने-अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिये जिले की सीमा से जाने के लिए कानून व्यवस्था बनाये रखने, कावडियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा सभी मार्गो पर यातायात सुचारू रूप से चलता रहे को ध्यान मे रखते हुये पुलिस अधीक्षक प्रतीक्षा गोदारा ने एक विशेष योजना तैयार की है। एसपी ने सभी डीएसपी, थानाध्यक्षों व प्रभारी यातायात को विशेष दिशा-निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही पैदल कावडियों व डाक कावड लेकर आने वाले श्र्द्धालुओं के लिये भी निर्देश जारी किये है। जिनका पालन करके किसी भी परेशानी से बचा जा सकता है। डीएसपी हरेन्द्र सिंह ने बताया कि जिले में 12 ऐसे मार्ग चिन्हित किये है। जिन पर कावडियों का अधिक आवगमन रहता है। इन मार्गो पर 85 ऐसे चौराहे चिन्हित किये है जो अति संवेदनशील है। जिन पर न केवल यातायात का भारी दबाव रहता है। बल्कि लोगों की भीड भी अधिक रहती है। इन मार्गो पर पुलिस के जवान पैदल गश्त पर लगाये जायेंगे। साथ ही इन मार्गो पर 18 पी0सी0आर0 वाहन तथा 76 मोटर साईकिल राईडरज को भी नियुक्त किया जायेगा। संवेदनशील चैराहों पर दिन रात पुलिस के जवानों को नियुक्त करने के निर्देंश दिये गये है। इन दिनों के दौरान पर्याप्त पुलिस बल रिजर्व भी रखा है। ताकि किसी भी आपात कालीन स्थिति से निपटा जा सके।  

संगठनकार्यकर्ता कावडियों की सेवा सुरक्षा के लिये शिविरों का आयोजन करते है। अक्सर संगठनकार्यकर्ता बिल्कुल सडक के नजदीक न केवल टैन्ट ही लगाते है, बल्कि मार्ग के साथ ही लकडी की बल्लियां लगा देते है। ताकि इन पर कावड़ को रखा जा सके। इसके अतिरिक्त सडक पर अवरोधक भी लगा देते है। जोकि न केवल अनुचित ही है, बल्कि ऐसा करने से दुर्घटना होने की सम्भावना बनी रहती है। अतः शिविर आयोजकों को निर्देश दिये जाते है कि ऐसा न करे और अपने टैन्ट व बल्लियां सडकों से कम से कम 50 फीट की दूरी पर लगाये। पुलिस प्रवक्ता जगजीत सिंह का कहना है कि उक्त सब बिन्दुओं पर उतरप्रदेश प्रशासन ने भी पूर्ण रूप से प्रतिबन्धित कर दिया है। इन सब बन्दिुओं की जिला सोनीपत में पालना करवाने के लिए पुलिस अधीक्षक प्रतीक्षा गोदारा ने सभी डीएसपी, थानाध्यक्षों को सख्त निर्देश दिये हैं। शिविर आयोजकों व कावडियों को सलाह दी जा रही है कि किसी भी परेशानी से बचने के लिये पुलिस प्रशासन द्वारा जारी निर्देशो की पालना करे।

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