चेयरपर्सन ने राई में तरू यात्रा को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

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जल शक्ति अभियान के तहत तरू यात्रा के दौरान जाखौली व औरंगाबाद में किया वृक्षारोपण, जल संरक्षण के लिए अधिकाधिक पौधारोपण करें उनका पूर्ण संरक्षण : कृष्णा गहलावत

राई, रणबीर सिंह रोहिल्ला । राष्ट्रीय परिषद राज्य कृषि विपणन बोर्ड की चेयरपर्सन एवं पूर्व मंत्री कृष्णा गहलावत ने राई हलके में तरू यात्रा का शुभारंभ करते हुए केंद्र सरकार के जल शक्ति अभियान में आहुति डाली। इस दौरान उन्होंने आम जन मानस का आह्वान किया कि वे जल संरक्षण के लिए अधिकाधिक पौधारोपण कर उनका पूर्ण संरक्षण करें। राई विधानसभा क्षेत्र में जाखौली गांव से तरू यात्रा का आगाज किया गया, जहां मुख्य अतिथि के रूप में चेयरपर्सन कृष्णा गहलावत ने अधिकारियों व गणमान्य व्यक्तियों के साथ पौधारोपण भी किया। उन्होंने औरंगाबाद गांव में भी पौधारोपण कर लोगों को भी योगदान देने का संदेश दिया। इस दौरान उन्होंने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लोगों के साथ प्रकृति के स्वास्थ्य की भी अत्यधिक चिंता है। लोगों के लिए योग दिवस की शुरुआत की है तो प्रकृति के लिए जल शक्ति अभियान चलाया जा रहा है। जल का सीधा संबंध वृक्षों से है। वृक्षों के कारण वर्षा होती है। यह प्रकृति का नियम है। इसलिए जरूरी है कि हम पौधारोपण करेंं। गहलावत ने कहा कि वृक्षों की अंधाधुंध कटाई ने प्रकृति को असंतुलित कर दिया है, जिसके परिणामस्वरूप ग्लोबल  वार्मिंग की समस्या पैदा हो गई है। इससे लोगों को अत्यधिक समस्याएं उठानी पड़ रही हैं। इसलिए जरूरी है कि इस दिशा में लोगों को जागरूक किया जाए। जल शक्ति अभियान के तहत आयोजित तरू यात्रा के माध्यम से लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि भावी पीढ़ी को सुखद व सुरक्षित भविष्य प्रदान करने के लिए आज की पीढ़ी को अपना दायित्व निभाना होगा। गहलावत ने कहा कि जल बिन जीवन सून। जल नहीं होगा तो जीवन की कल्पना निरर्थक हो जाएगी। आज जल संकट की समस्या तीव्र रूप धारण करती जा रही है। ऐसे में हर व्यक्ति को जल संरक्षण में अपना सक्रिय योगदान देना होगा। पानी की एक-एक बूंद का संरक्षण करने की जरूरत है। पानी का कोई विकल्प नहीं है। यह प्राकृतिक संसाधन है, जिसका संरक्षण हर कीमत पर करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पौधारोपण में भी विशेष रूप से त्रिवेणी (बड, पीपल, नीम) का रोपण करना चाहिए। बड़ व पीपल ऐसे वृक्ष हैं जो 24 घंटे ऑक्सिजन देते हैं। विदेशी वृक्षों से परहेज करने की जरूरत है जिनके पोषण में पानी की खपत अधिक होती है। इस दौरान चेयरपर्सन कृष्णा गहलावत ने उपस्थित जनसमूह तथा विद्यार्थियों को जल संरक्षण की शपथ भी दिलाई।

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